Monday, 15 January 2018

सक्षम - 2018


पत्र सूचना कार्यालय 
भारत सरकार
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 

12-जनवरी-2018 

                                   सक्षम - 2018 

सक्षम (संरक्षण क्षमता महोत्सव) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (पीसीआरए) की वार्षिक प्रमुख गतिविधि है। इसमें राज्य सरकारों जैसे अन्य हितधारकों के साथ तेल और गैस संबंधी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सक्रिय सहयोग करते हैं। इसके तहत जनाधारित गतिविधियों के जरिये ईंधन संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और बेहतर स्वास्थ्य तथा बेहतर पर्यावरण के निर्माण के लिए जनता को पेट्रोलियम उत्पादों के कारगर इस्तेमाल के प्रति जागरुक बनाया जाता है।
इस वर्ष महीना भर लंबे सक्षम -2018 के दौरान ईंधन संरक्षण के संबंध में विभिन्न संवादमूलक कार्यक्रमों और गतिविधियों की योजना बनाई गई है। इसका भव्य उद्घाटन समारोह 16 जनवरी, 2018 को दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में किया जाएगा।
इस अभियान के दौरान नागरिकों को पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण और उनके कारगर इस्तेमाल के प्रति जागरुक बनाने के प्रयासों में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए पीसीआरए विभिन्न जनाधारित गतिविधियां चलाएगा, जैसे ड्राइवरों/ फ्लीट ऑपरेटरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम, ईंधन सक्षम वाहन चालन प्रतियोगिता, महिलाओं/ बावर्चियों/ घरेलू सेविकाओं/ स्कूल और कॉलेज की लड़कियों के साथ ईंधन बचत तथा एलपीजी/पीएनजी के फायदों पर सामूहिक वार्ता, स्कूलों/ कॉलेजों/ विश्वविद्यालयों के लिए शिक्षा कार्यक्रम, किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, वॉकेथॉन, कांसर्ट, प्रदर्शनी इत्यादि। इसके अलावा पीसीआरए ने 21 जनवरी को देशभर में साइकिल दिवस के रूप में मनाने की योजना बनाई है। ईंधन संरक्षण, जाम की स्थिति में कमी लाकर वाहनों से उत्सर्जित होने वाले धुएं में कमी लाने और यातायात प्रवाह में सुधार लाने का संदेश देने के लिए इंदौर, भुवनेश्वर, मुम्बई आदि में साइक्लोथॉन का आयोजन किया जाएगा।
आकाशवाणी, दूरदर्शन, टीवी चैनल, निजी एफएम चैनल, डिजिटल सिनेमा थियेटर जैसे विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों के जरिये ईंधर संरक्षण और साइक्लोथॉन गतिविधियों वाला राष्ट्र व्यापी अभियान चलाने की भी योजना है। यह अभियान विभिन्न शहरों में चलाया जाएगा। पीसीआरए ने योजना बनाई है कि सक्षम अभियान के दौरान फेसबुक, ट्वीटर, माय-गव जैसे प्लेफार्मों के जरिये पूरे देश में इसका प्रसार किया जाएगा।
पीसीआरए सक्षम राष्ट्रीय निबंध एवं चित्रकारी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्कूली छात्र विजेताओं को उद्घाटन समारोह के दौरान पुरस्कार दिए जायेंगे। पुरस्कारों में सिंगापुर स्टडी टूर, लेपटॉप, टेबलेट और नकद पुरस्कार शामिल हैं। यह पुरस्कार बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए दिए जायेंगे, ताकि वे ऊर्जा संरक्षण के बारे में अपनी जानकारी बढ़ा सकें। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की यह सक्षम पहल जनता में एक नई ऊर्जा पैदा करेगा और उन्हें प्रकृति की अमूल्य निधि ‘ईंधन’ को बचाने के लिए प्रेरित करेगा। इस कदम से हमारे पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी।    
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वीके/एएम/एकेपी/सीएस–6285


Wednesday, 10 January 2018

18वां अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन, 2018 सम्पन्न

 18वां अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन, 2018 सम्पन्न
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9 -जनवरी-2018
संसद और विधानमंडलों के कामकाज को प्रभावी बनाने के लिए सम्मेलन में 10 सिफारिशें की गईं


   दो दिवसीय 18वें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का आज उदयपुर, राजस्थान में समापन हो गया। इस सम्मेलन का उद्घाटन 8 जनवरी, 2018 को केंद्रीय संसदीय कार्य, रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री अनंत कुमार और राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने  संयुक्त रूप से किया। श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया समारोह की मुख्य अतिथि भी थीं। राजस्थान विधानसभा के स्पीकर श्री कैलाशचंद्र मेघवाल ने समापन सत्र की अध्यक्षता की। केंद्रीय संसदीय कार्य, जल संसाधन और नदी संरक्षण राज्य मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल एवं संसदीय कार्य और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री श्री विजय गोयल, राजस्थान के गृहमंत्री श्री गुलाबचंद्र कटारिया और राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री श्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सम्मेलन में 90 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया जिसमें मंत्री सहित संसद और राज्य विधानमंडलों के मुख्य सचेतक और सचेतकों ने भाग लिया।

प्रथम तकनीकी सत्र में क्रमश: गोवा और विशाखापत्तनम में आयोजित 16वें और 17वें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन की सिफारिशों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई कार्रवाई पर चर्चा हुई। उसकी अध्यक्षता श्री विजय गोयल ने की। दूसरा तकनीकी सत्र में विधान मंडलों में प्रभावी कामकाज के विषय में था। इसकी अध्यक्षता श्री अनन्त कुमार ने की। इस सत्र में श्री अर्जुनराम मेघवाल, श्री विजय गोयल, श्री गुलाबचंद्र कटारिया भी उपस्थित थे। तीसरे तकनीकी सत्र संसद और राज्य विधानसभाओं के कामकाज को डिजिटल और कागजरहित कर ई-संसद/ई-विधान लागू करने के बारे में चर्चा हुई। इसकी अध्यक्षता श्री अर्जुनराम मेघवाल ने की। इसकी उपयोगिता और सीमाओं पर विचार करते हुए सभी प्रतिनिधियों ने देश में ई-संसद / ई-विधान एमएमपी परियोजना के लिए सफलता की कामना की। प्रतिनिधियों ने सिफारिशों को लागू करने के संबंध में अपने अनुभवों और चिंताओं को साझा किया।

समापन सत्र में 10 सिफारिशों पर चर्चा हुई और इन्हें निर्विरोध स्वीकार कर लिया गया। इन सिफारिशों में सिफारिशें त्वरित उत्तर के लिए शून्यकाल में सुधार, संबंधित मंत्रालयों से एटीआर, विधानमंडलों की विभिन्न समितियों की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए समिति काल के सिद्धांत में सुधार, राज्य विधानमंडलों और संसद में अधिक कार्यदिवस के लिए सुधार, संसद और विधानमंडलों में सुचारू कामकाज तथा समन्वय के लिए मुख्य सचेतकों को ढांचागत और सांस्थानिक सहयोग, राज्य विधानमंडलों के सचिवालयों का डिजिटलीकरण, सदन के आसन तक न जाने के लिए सदस्यों के बीच आम सहमति बनाना आदि शामिल थे। सम्मेलन में की गईं सिफारिशों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय को दी गई है।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री अनन्त कुमार ने कहा कि व्हिप यानि सचेतक तीन तरह की भूमिका का निर्वहन करते हैं। वे निगरानी, संचालन और प्रोत्साहन का काम करते हैं। उन्होंने अपने सहयोगी विधान निर्माताओं से चर्चा, बहस और निर्णय लेने लेकिन बाधा न डालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन आयोजित करने का मूल उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र के विभिन्न पक्षों पर चर्चा करना है जो कि मौजूदा विकल्पों में शासन का सबसे अच्छा स्वरूप है। उन्होंने कुछ ठोस समाधानों पर पहुंचने की भी अपील की ताकि देश के नागरिको की बेहतर सेवा की सके। श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया नें कहा कि विधायी निकायों को एक परिवार की तरह काम करना चाहिए जहां तमाम बहसों के बाद भी सदस्यों के बीच आपस में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए।
समापन समारोह में श्री कैलाश चंद्र मेघवाल ने सम्मेलन में भाग लेने और संसदीय संस्थानों के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रकट किए गए विचारों के लिए प्रशंसा की। समारोह को श्री अर्जुन राम मेघवाल, श्री विजय गोयल और राज्य के मंत्रियों ने संबोधित किया।
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वीके//एम/बीपी/जीआरएस- 6235


यह सम्मेलन कई राजनीतिक दलों के सचेतक (व्हिप) को आपस में विचार और अनुभव साझा करने तथा संसदीय कामकाज के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने का मंच प्रदान करता है और संसदीय कामकाज को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है। 

http://pib.nic.in/newsite/PrintHindiRelease.aspx?relid=70056

Tuesday, 9 January 2018

व्‍यापार विकास एवं संवर्धन परिषद की तीसरी बैठक आज नई दिल्‍ली में आयोजित की गई

व्‍यापार विकास एवं संवर्धन परिषद की तीसरी बैठक आज नई दिल्‍ली में आयोजित की गई 
8 -जनवरी-2018


केन्‍द्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने आज नई दिल्‍ली में व्‍यापार विकास एवं संवर्धन परिषद की तीसरी बैठक की अध्‍यक्षता की। इस अवसर पर उन्‍होंने राज्‍यों का आह्वान किया कि वे सेवा निर्यात को बढ़ावा देकर 5 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर के विश्‍व व्‍यापार का दोहन करने के तरीके ढूंढें। इसके साथ ही उन्‍होंने जैविक खेती, कृषि उत्‍पादों के मूल्‍य वर्धन, विशेष आ‍र्थिक जोन (एसईजेड) को प्राप्‍त लाभों का उपयोग करने और रोजगार सृजन करने पर भी विशेष जोर दिया।

श्री प्रभु ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की अहमियत पर विशेष जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य और जिला स्‍तरीय रणनीतियां विकसित करने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि जिलों को विकास की नई इकाइयां बनाई जानी चाहिए और उनसे जुड़ी योजनाएं बनाई जानी चाहिए। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि एक ऐसी नई कृषि निर्यात नीति बनाने की आवश्‍यकता है, जिसके तहत मूल्‍य वर्धित कृषि उत्‍पादों का निर्यात बढ़ाने पर फोकस किया जाना चाहिए, तकि किसानों की पहुंच अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों तक संभव हो सके और उनकी आमदनी बढ़ सके।

श्री प्रभु ने ‘विभिन्‍न राज्‍यों में लॉजिस्टिक्‍स में सहूलियत (लीड्स)’ नामक एक अध्‍ययन जारी किया, जो प्रथम उप-राष्‍ट्रीय लॉजिस्टिक्‍स प्रदर्शन सूचकांक है। उन्‍होंने ‘राज्‍य निर्यात पुस्तिका’ भी जारी की, जो पिछले 10 वर्षों के दौरान राज्‍यों से हुए निर्यात की स्थिति का एक संग्रह है।

इस अवसर पर वाणिज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री ने परिषद के सदस्‍यों से अनुरोध किया कि व्‍यापार के मार्ग की बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ लॉजिस्टिक एवं बुनियादी ढांचे की खामियों को संयुक्‍त रूप से समाप्‍त करने की जरूरत है, जो भारत से निर्यात को प्रभावित करती हैं।

गोवा के मुख्‍यमंत्री, गुजरात के उप मुख्‍यमंत्री, 11 राज्‍यों के मंत्रियों, राज्‍य सरकारों के वरिष्‍ठ अधिकारियों और औद्योगिक निकायों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।

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वीके/एएम/आरआरएस/वाईबी –6224  

प्रधानमंत्री ने प्रवासी-सांसद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया

प्रधानमंत्री ने प्रवासी-सांसद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया

09-जनवरी-2018


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में प्रवासी-सांसद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए। कहा कि सैकड़ों वर्षों में अनेक लोगों ने भारत छोड़ा होगा लेकिन भारत उनके दिमाग और हृदय में अपना स्थान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि इसमें आश्चर्य नहीं कि भारतीय मूल के लोगों ने अपनाई गई जमीन से अपने-आप को एकीकृत कर लिया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी भारतीयता बनाए रखा है और विदेशों में बसे लोगों ने वहां की भाषा, खान-पान तथा वेशभूषा को अपनाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है आज नई दिल्ली में भारतीय मूल के लोगों की मिनी विश्व संसद यहां एकत्रित हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग आज मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड में प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग अनेक देशों में राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन से चार वर्षों में भारत के बारे में विश्व की छवि बदली है। उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि भारत स्वयं को बदल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी भारत की आकांक्षाएं और आशाएं शीर्ष पर हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में बदलाव देखे जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मूल के लोग जहां कहीं भी हैं भारत के स्थायी राजदूत की तरह हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह विदेश यात्रा के दौरान भारतीय मूल के लोगों से मिलने की कोशिश हमेशा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की समस्याओं पर निरंतर रूप से नजर रखने के लिए विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज की सराहना की। इस संदर्भ में उन्होंने ‘मदद’ पोर्टल का जिक्र किया है, जो कंसुलर शिकायतों की निगरानी करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार यह मानती है कि अप्रवासी भारतीय भारत के विकास के लिए सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा तैयार 2020 तक के  कार्य एजेंडा में प्रवासी भारतीयों का महत्वपूर्ण स्थान है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति के मूल्य अस्थिरता के युग में पूरे विश्व को दिशा दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का आसियान देशों के साथ घनिष्ठ संबंध है। यह घनिष्ठता गणतंत्र दिवस के दौरान देखने को मिलेगी। 
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वीके/एएम/एजी/एसकेपी –6225  

भारत में आर्थिक बदलाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर गठित कार्यदल की बैठक

  वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने भारत में आर्थिक बदलाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर गठित कार्यदल की बैठक की अध्‍यक्षता की और इसकी प्रारंभिक सिफारिशों के संबंध में अपने सुझाव दिए (9 -जनवरी-2018)

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने आज भारत में आर्थिक बदलाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर गठित कार्यदल की बैठक की अध्‍यक्षता नई दिल्‍ली स्थित उद्योग भवन में की। इस कार्यदल में उद्योग एवं शिक्षा जगत एवं सरकार के सदस्‍य शामिल हैं। इस कार्यदल का गठन कृत्रि‍म बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग के बारे में नीतिगत कदम सुझाने और औद्योगिक नीति के लिए आवश्‍यक जानकारी (इनपुट) देने के उद्देश्‍य से किया गया है। इस कार्यदल का गठन 24 अगस्‍त, 2017 को किया गया।
इस कार्यदल ने विभिन्‍न हितधारकों के साथ विस्‍तृत विचार-विमर्श के बाद अपनी प्रारंभिक सिफारिशों का मसौदा तैयार किया है। उपर्युक्‍त बैठक में इन सिफारिशों पर विचार-विमर्श किया गया और मंत्री महोदय ने कार्यदल के विचारार्थ अपने सुझाव पेश किए।
प्रमुख कंसल्टिंग फर्म एसेंचर ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने हालिया अध्‍ययन के निष्‍कर्ष पेश किए जिसका शीर्षक ‘विकास के लिए रीमिक्स' था।
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वीके/एएम/आरआरएस/वीके– 6238

http://pib.nic.in/newsite/PrintHindiRelease.aspx?relid=70076

खाद्य सुरक्षा और पोषण पर 'स्वास्थ्य मंत्रियों के पहले गोलमेज सम्मेलन'


 श्री जे.पी. नड्डा ने खाद्य सुरक्षा और पोषण पर 'स्वास्थ्य मंत्रियों के पहले गोलमेज सम्मेलन' की अध्यक्षता की
खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्‍त बनाने के लिए राज्यों से आग्रह किया
9 -जनवरी-2018
‘‘केन्‍द्र सरकार राज्‍यों को 482 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर रही है। राज्‍यों की 45 परीक्षण प्रयोगशालाओं को मजबूत बनाया जाएगा। मैं राज्‍यों से आग्रह करता हूं कि वे इस संबंध में प्रस्‍ताव दें या परीक्षण प्रयोगशालाओं को मजबूत बनाने के लिए योजना सामने रखें’’। केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य व परिवार कल्‍याण मंत्री जे.पी.नड्डा ने उक्‍त बातें आज यहां खाद्य सुरक्षा व पोषण पर एफएसएसएआई द्वारा आयोजित स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रियों के पहले गोलमेज सम्‍मेलन के दौरान कहीं। केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे तथा उत्‍तर प्रदेश, गुजरात, उत्‍तराखंड, तेलंगाना, पुद्दुचेरी और दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री भी इस गोलमेल बैठक में शामिल हुए।
श्री जे.पी. नड्डा ने आगे कहा कि धनराशि की कोई समस्‍या नहीं होगी और प्रत्‍येक राज्‍य में उच्‍च मानकों वाली एक सरकारी परीक्षण प्रयोगशाला होनी चाहिए। बड़े राज्‍यों में दो प्रयोगशालाएं हो सकती है। प्रधानमंत्री डायलिसिस कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि पहले राज्‍यों ने कुछ चिंताएं व्‍यक्‍त की थी, लेकिन अब यह कार्यक्रम अत्‍यधिक सफल है। पूरे देश में 539 डायलिसिस इकाइयों की मदद से 1.76 लाख रोगियों ने इस निशुल्‍क सेवा का लाभ उठाया है।
श्री नड्डा ने कहा कि खाद्य मानकों को लागू करने में पारदर्शिता होनी चाहिए। जन स्‍वास्‍थ्‍य की सुरक्षा के लिए सभी खाद्य व्‍यापार को लाइसेंस के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। साथ ही हमें यह सावधानी बरतनी चाहिए कि खाद्य व्‍यापार पर अतिरिक्‍त नियमों का बोझ न डाला जाए।
श्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि रोग और उपचार की बजाय बचाव और सुरक्षा को महत्‍व दिया जाना चाहिए। सरकार ने 1.5 लाख स्‍वास्‍थ्‍य उप-केन्‍द्रों को ‘स्‍वास्‍थ्‍य एवं कल्‍याण’  केन्‍द्रों के रूप में परिणत करने का निर्णय लिया है। इन केन्‍द्रों पर मधुमेह, हाईपरटेंशन, कैंसर आदि की जांच हो सकेगी। इससे रोगों के बचाव करने संबंधी व्‍यवस्‍था को मजबूत करने में तथा रोगियों को विशेष चिकित्‍सा सहायता के लिए भेजने में मदद मिलेगी।
केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य नीति-2017 का मुख्‍य लक्ष्‍य हैं – सुरक्षित व पोषण युक्‍त खाद्य की उपलब्‍धता और खपत। नई राष्‍ट्रीय नीति रोगों से बचाव के सिद्धांत को बढ़ावा देती है। नई नीति का लक्ष्‍य मधुमेह और हृदय संबंधी रोगों से होने वाली मौतों में कमी लाना है।
स्‍वास्‍थ्‍य सचिव श्रीमती प्रीति सूदन ने राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के तहत राज्‍यों को सहायता देने का आश्‍वासन दिया। उन्‍होंने कहा कि देश में गैर-संक्रामक बीमारियों की बढ़ती घटनाओं से हम सभी वाकिफ है। इसका सामना करने के लिए नागरिकों में स्‍वस्‍थ खाद्य आदतों को प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए। खाद्य के प्रति आम लोगों के विश्‍वास को बढ़ाने के लिए हमें मिलकर कार्य करना चाहिए। एक स्‍वस्‍थ राष्‍ट्र के लिए लोगों को स्‍वच्‍छ तथा उचित भोजन करने के लिए आग्रह किया जाना चाहिए।
केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने क्‍लीन स्‍ट्रीट फूड हब और खाद्य उत्‍सवों के लिए फ्रेमवर्क जारी किया। इससे स्‍ट्रीट फूड विक्रेताओं के क्षमता विकास में सहायता मिलेगी। मंत्री महोदय ने एफएसएसएआई का स्‍वस्‍थ भारत खाद्य कलैंडर भी जारी किया। अपनी तरह का यह पहला कलैंडर है, जिसमें भारत के मुख्‍य त्‍यौहारों तथा इनसे जुड़े खाद्यों को दर्शाया गया है।  एफएसएसएआई की नई वेबसाइट का भी आज शुभारंभ किया गया।
इस गोलमेज सम्‍मेलन के दौरान अनुसंधानकर्ताओं की एक टीम ने बीमारियों की वजह से होने वाली आर्थिक हानि का आकलन प्रस्‍तुत किया। आकलन के अनुसार बीमारियों के कारण भारत की जीडीपी में 0.5 प्रतिशत (28 बिलियन डॉलर) की हानि होती है।
गोलमेज बैठक के दौरान राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रियों ने एक सात सूत्री चार्टर को स्‍वीकार करने की घोषणा की।
  1. कड़े खाद्य सुरक्षा मानकों को विकसित करना और सुरक्षित खाद्य अभ्‍यास संहिता तैयार करना।
  2. एक सकारात्‍मक नियामक वातावरण का निर्माण करना।
  3. एक विश्‍वसनीय राष्‍ट्रीय खाद्य परीक्षण प्रणाली स्‍थापित करना।
  4. सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों की कमी को दूर करना तथा भोजन की अच्‍छी आदतों को विकसित करना।
  5. सु‍रक्षित और पोषक भोजन के लिए नागरिकों में व्‍यवहार संबंधी बदलाव लाना।
  6. खाद्य व्‍यवसाय में स्‍व-प्रमाणन की संस्‍कृति को विकसित करना।
  7. उचित वित्‍तीय सहायता से प्रभावी संस्‍थानों को विकसित करना।
इस गोलमेज बैठक में राज्‍यों के स्‍वास्‍थ्‍य सचिव व खाद्य सुरक्षा आयुक्‍त, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य व परिवार कल्‍याण मंत्रालय तथा महिला व बाल विकास मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी, एफएसएसएआई, उद्योग जग‍त, विश्‍व बैंक, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और विश्‍व खाद्य कार्यक्रम के प्रतिनिधि तथा टाटा ट्रस्‍ट, गेन व पाथ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।



वीके//एएम/जेके/जीआरएस – 6234

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2018 में प्रधानमंत्री की भागीदारी

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2018 में प्रधानमंत्री की भागीदारी  

9 -जनवरी-2018 19:17




अगली पीढ़ी की औद्योगिक रणनीति और संरचना गति, चौथी औद्योगिक क्रांति, मैन्यूफैक्चरिंग में रोजगार के भविष्य पर आयोजित होने वाले 25 सत्रों में भारत सरकार के मंत्री भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और 2022 तक भारत को नये भारत में बदलने के प्रधानमंत्री के विजन को साझा करेंगे।
वर्तमान और संभावित निवेशकों के साथ इंवेस्ट इंडिया तथा सीआईए द्वारा 11 गोलमेज सम्मेलन अयोजित किए जाएंगे।

भारत इस वार्षिक बैठक में भारत में कारोबार के विशाल अवसरों तथा पिछले 2-3 वर्षों में भारत में लागू किए गए सुधारों को दिखाएगा। इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सुधार है, जिससे इस अवधि में 195 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। विश्व बैंक की कारोबारी सुगमता रिपोर्ट में 30 पायदानों की छलांग 2017 में किसी देश की सबसे ऊंची छलांग है। बैठक में भारत में लागू अब तक का किया गया सबसे बड़ा कर सुधार जीएसटी, दिवाला एवं दिवालियापन संहिता तथा अन्य सुधारों को दिखाया जाएगा।  

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Estimates of Gross Domestic Product (GDP), Net Domestic Product (NDP) and National Income, measured as Net National Income (NNI)

Press Information Bureau  Government of India Ministry of Statistics & Programme Implementation 03-August-2017 Gross Domesti...